यह फैसला उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत गठित राज्य स्तरीय एंपावर्ड समिति (SLEC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता दीपक कुमार ने की।
कई जिलों में लगेंगी यूनिट्स
इन परियोजनाओं का विस्तार राज्य के विभिन्न जिलों में किया जाएगा। सबसे ज्यादा प्रस्ताव कानपुर नगर से आए हैं, जहां 5 यूनिट्स लगेंगी। इसके अलावा मेरठ और गोरखपुर में 2-2 परियोजनाएं स्थापित होंगी। अन्य जिलों जैसे अमरोहा, एटा, प्रयागराज, बरेली, रामपुर, लखनऊ, कौशांबी, अयोध्या, लखीमपुर खीरी और बुलंदशहर में एक-एक यूनिट स्थापित की जाएगी।
किसानों को सीधा लाभ
इन फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। फसल के प्रोसेसिंग और स्टोरेज की सुविधा बढ़ने से बर्बादी कम होगी और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
निवेश और रोजगार के अवसर
अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक 353 निवेशकों को अनुदान दिया जा चुका है। नई यूनिट्स के लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
नई तकनीक और उद्योग का विस्तार
कुछ परियोजनाएं खास तौर पर आधुनिक तकनीक से जुड़ी हैं। अमरोहा में पहली बार सीरियल और पल्सेस प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जबकि मेरठ में फ्रोजन सब्जियों और हर्ब्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी।

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