एलपीजी संकट पर काबू
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की उपलब्धता अब पर्याप्त है। उपभोक्ताओं के बीच मची ‘पैनिक बुकिंग’ में गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने साफ किया कि कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है और उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार गैस आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।
रणनीतिक राहत उपाय
शिपिंग मंत्रालय ने कच्चे तेल और एलपीजी के लिए 14 से 31 मार्च तक कार्गो शुल्क माफ करने की घोषणा की, ताकि इस संकट के दौरान आपूर्ति बाधित न हो। इससे ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिली और भारत अपने आवश्यक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सका।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा
पिछले सप्ताह गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भी लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी सुरक्षित रूप से पहुंचे थे। यह दिखाता है कि भारत खाड़ी क्षेत्र और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। सरकार की सक्रिय निगरानी और रणनीति के कारण देश में एलपीजी संकट नियंत्रित हो गया है और आम जनता को राहत मिली है।

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