क्या है पूरा मामला?
रेलवे बोर्ड के हालिया निर्णय के अनुसार, लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ को मिलने वाले किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ा हुआ भत्ता 1 जनवरी 2024 से लागू माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन के साथ पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। हालांकि एरियर का भुगतान वेतन के साथ होगा या अलग से, इस पर अभी स्पष्टता नहीं दी गई है।
क्यों बढ़ाया गया भत्ता?
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे कर्मचारियों का लंबे समय तक चला संघर्ष है। पिछले दो वर्षों से विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और फेडरेशनों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी। जब महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, तब अन्य कर्मचारियों के भत्तों में संशोधन किया गया, लेकिन लोको रनिंग स्टाफ का किलोमीटर भत्ता लंबित था। अब इसे भी संशोधित कर दिया गया है।
कितने कर्मचारियों को होगा लाभ?
इस फैसले से रेलवे के 2 लाख से अधिक लोको रनिंग स्टाफ को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें वे कर्मचारी शामिल हैं जो ट्रेन संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहते हैं।
‘TA’ और ‘KA’ में क्या अंतर है?
रेलवे में आम कर्मचारियों को ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) दिया जाता है, जबकि लोको रनिंग स्टाफ को उनके कार्य की प्रकृति के अनुसार किलोमीटर आधारित भत्ता (KA) मिलता है। पहले अन्य कर्मचारियों का TA बढ़ा दिया गया था, लेकिन रनिंग स्टाफ का KA नहीं बढ़ा था। अब इस अंतर को खत्म करते हुए उनका भत्ता भी बढ़ा दिया गया है।
कर्मचारियों के लिए क्यों है खास?
वेतन में सीधा इजाफा
एरियर के रूप में अतिरिक्त आय
लंबे समय से लंबित मांग पूरी
कार्य के अनुसार उचित भत्ता
.png)
0 comments:
Post a Comment