सरकार के द्वारा बढ़ाया गया आवंटन
सरकार ने राज्यों को मिलने वाले वाणिज्यिक एलपीजी के कोटे में अस्थायी बढ़ोतरी की है। पहले यह आवंटन 20% था, जिसे पहले 30% तक बढ़ाया गया था। अब 23 मार्च 2026 से इसे और बढ़ाकर कुल 50% कर दिया गया है, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है।
किन सेक्टर को मिलेगा फायदा
नए निर्देशों के तहत अतिरिक्त गैस आवंटन उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जो सीधे खाद्य और आतिथ्य सेवाओं से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं: होटल और रेस्टोरेंट, ढाबे और इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स, सरकारी या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन, सामुदायिक रसोईघर और प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सुविधा।
शर्तों के साथ मिलेगा लाभ
हालांकि यह राहत कुछ शर्तों के साथ दी गई है। केवल वही उपभोक्ता इस बढ़े हुए आवंटन का लाभ उठा सकेंगे, जो सिटी गैस वितरण नेटवर्क से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने के लिए तैयार होंगे और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।
अनिवार्य होगा पंजीकरण
सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को यह बताना होगा कि वे किस क्षेत्र में काम करते हैं, गैस का उपयोग किस उद्देश्य से करेंगे और उनकी वार्षिक खपत कितनी है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दुरुपयोग की संभावना कम होगी।
निगरानी और नियंत्रण
सरकार ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस का गलत इस्तेमाल या डायवर्जन न हो। इसके लिए वितरण प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जाएगी।
क्या होगा असर
इस फैसले से होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी, जो हाल के समय में गैस की कमी और बढ़ती लागत से जूझ रही थी। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी खाद्य सेवाओं में स्थिरता और कीमतों में संतुलन देखने को मिल सकता है।

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