ढाई लाख कर्मचारियों को होगा फायदा
इस निर्णय का सीधा लाभ करीब ढाई लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा, जो अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। लंबे समय से इन कर्मचारियों की मांग थी कि उनकी ग्रेच्युटी सीमा राज्य कर्मचारियों के बराबर की जाए, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
महंगाई भत्ते से जुड़ी शर्त
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी सीमा उस स्थिति में लागू होगी जब महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाएगा। इसके बाद ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये तक दी जाएगी।
पहले से कम थी सीमा
अब तक इन शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित थी। जबकि राज्य कर्मचारियों के लिए यह सीमा पहले ही बढ़ाकर 25 लाख रुपये की जा चुकी थी। ऐसे में दोनों के बीच असमानता को लेकर लगातार आवाज उठ रही थी।
पुरानी मांग हुई पूरी
पिछले एक साल से शिक्षक संगठनों और प्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जा रहा था। विधान परिषद में भी इस पर चर्चा हुई थी, जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया।
सामाजिक सुरक्षा को मजबूती
ग्रेच्युटी सीमा में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों को अधिक वित्तीय सहारा मिलेगा।
.png)
0 comments:
Post a Comment