भारत के लिए बड़ी खुशखबरी: देश में बनेगा राफेल का मेगा मैन्युफैक्चरिंग हब

नई दिल्ली। भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम सामने आया है। फ्रांस की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने संकेत दिए हैं कि फ्रांस के बाहर राफेल फाइटर जेट के उत्पादन को बढ़ाने की योजना पर काम चल रहा है, जिसमें भारत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि यह योजना पूरी तरह लागू होती है तो भारत राफेल के बड़े मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में उभर सकता है।

उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपियर के अनुसार राफेल फाइटर जेट के उत्पादन को धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक हर महीने चार राफेल विमान तैयार किए जा सकें। जरूरत और ऑर्डर बढ़ने की स्थिति में इस संख्या को पांच तक ले जाने की संभावना भी जताई गई है। पिछले कुछ वर्षों में राफेल की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके कारण कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता में विस्तार कर रही है।

भारत में बढ़ेगा उत्पादन

डसॉल्ट भारत में राफेल से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्सों के निर्माण की तैयारी कर रही है। कंपनी का उद्देश्य है कि देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां बड़े स्तर पर सब-असेंबली तैयार की जाए। इससे भारत में रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय कंपनियों को भी बड़े अवसर मिलेंगे।

टाटा के साथ साझेदारी

इस दिशा में एक अहम कदम पहले ही उठाया जा चुका है। डसॉल्ट ने भारत की कंपनी टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ साझेदारी की है। इस समझौते के तहत हर महीने राफेल के दो फ्यूजलेज सेक्शन भारत में तैयार करने की योजना है। बताया जा रहा है कि इनका पहला उत्पादन वर्ष 2028 तक शुरू हो सकता है।

114 राफेल के सौदे पर नजर

रक्षा क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक अगर भारत सरकार भविष्य में 114 और राफेल विमानों की खरीद को अंतिम रूप देती है, तो देश में एक और फाइनल असेंबली लाइन स्थापित की जा सकती है। इसके लिए हैदराबाद को संभावित स्थान के रूप में देखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि आने वाले समय में राफेल से जुड़े अधिक से अधिक पुर्जे भारत में ही तैयार किए जाएं।

स्थानीयकरण का बढ़ेगा स्तर

भारतीय अधिकारियों का लक्ष्य है कि देश में बनने वाले राफेल विमानों के पुर्जों का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाए। इस विषय पर फ्रांसीसी कंपनी और भारतीय सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो भारत के रक्षा उत्पादन क्षेत्र में बड़ी प्रगति देखने को मिल सकती है।

भारत की रक्षा क्षमता को मिलेगा बल

यदि भारत राफेल के बड़े मैन्युफैक्चरिंग केंद्र के रूप में विकसित होता है तो यह न केवल देश की रक्षा शक्ति को मजबूत करेगा, बल्कि “मेक इन इंडिया” पहल को भी नई गति देगा। साथ ही भारत वैश्विक रक्षा उत्पादन क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।

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