संसद में उठा पेंशन का मुद्दा
हाल ही में लोकसभा में सांसद कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने सरकार से सवाल किया कि जब कुछ वित्तीय संस्थानों में पेंशन बढ़ाई गई है, तो क्या सरकारी बैंकों के पेंशनर्स के लिए भी ऐसा कदम उठाया जाएगा। इस पर जवाब देते हुए पंकज चौधरी ने सरकार का पक्ष स्पष्ट किया।
सरकार का साफ रुख
सरकार ने बताया कि फिलहाल सरकारी बैंकों के रिटायर कर्मचारियों की बेसिक पेंशन में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यानी लंबे समय से चली आ रही मांग के बावजूद इस दिशा में अभी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
कुछ संस्थानों में मिला लाभ
हालांकि, अन्य संस्थानों में पेंशन में सुधार के उदाहरण सामने आए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक के पेंशनर्स को बेसिक पेंशन में 10% बढ़ोतरी दी गई, यह लाभ 1 नवंबर 2022 से पहले रिटायर कर्मचारियों को मिला। नाबार्ड के पेंशनर्स की पेंशन भी अलग-अलग चरणों में संशोधित की जा चुकी है
बैंक पेंशन सिस्टम क्यों अलग?
सरकारी बैंकों में पेंशन व्यवस्था अलग नियमों के तहत चलती है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों की पेंशन 2014 के नियमों से संचालित होती है। अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के लिए 1995 के पेंशन नियम लागू हैं। इन नियमों में बेसिक पेंशन को समय-समय पर संशोधित करने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है, यही वजह है कि कई पेंशनर्स की बेसिक राशि वर्षों से स्थिर बनी हुई है।
पूरी तरह स्थिर नहीं है पेंशन
हालांकि राहत के तौर पर बैंक पेंशनर्स को हर 6 महीने में महंगाई राहत (Dearness Relief) मिलती है। कुछ मामलों में एक्स-ग्रेशिया राशि भी दी जाती है, खासकर पुराने पेंशनर्स को।
इस संदर्भ में आगे क्या उम्मीद?
सरकार के मौजूदा रुख से साफ है कि अभी बेसिक पेंशन बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। लेकिन जिस तरह वेतन आयोग को लेकर बहस तेज हो रही है, उससे यह मुद्दा आने वाले समय में फिर चर्चा में आ सकता है।
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