हजारों स्कूलों में चलेगा जागरूकता अभियान
राज्य के मध्य और माध्यमिक विद्यालयों में यह अभियान बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल स्किल्स की जानकारी दी जाएगी। इससे बच्चों को नई तकनीक की समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।
रोजगारपरक शिक्षा पर जोर
इस पहल का मकसद केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि छात्रों को रोजगार के लिहाज से भी तैयार करना है। एआई के जरिए उन्हें ऐसे कौशल सिखाए जाएंगे, जो आगे चलकर नौकरी या स्वरोजगार में काम आ सकें। खास बात यह है कि दिव्यांग बच्चों को भी इस अभियान से जोड़कर उन्हें समान अवसर देने की कोशिश की जा रही है।
शिक्षा विभाग की विशेष तैयारी
इस कार्यक्रम को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद को दी गई है। विभाग ने एआई टूल्स के जरिए पढ़ाई को आसान और रोचक बनाने की योजना तैयार की है। जिलों को भी इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगा सहयोग
छात्रों को DIKSHA Platform जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से पढ़ाई में मदद मिलेगी। इसमें वीडियो सर्च और रीड-अलाउड जैसे फीचर्स उपलब्ध हैं, जो कठिन विषयों को समझने में सहायक होंगे। इससे पढ़ाई का अनुभव और भी इंटरैक्टिव बनेगा।
बिहार में भविष्य की तैयारी अभी से
शिक्षा विभाग का मानना है कि आने वाले समय में एआई का प्रभाव हर क्षेत्र में बढ़ेगा। ऐसे में छात्रों को शुरुआत से ही डिजिटल और तकनीकी ज्ञान देना जरूरी है। यही कारण है कि आगे चलकर इस पहल को कक्षा 6 और 7 तक भी विस्तारित करने की योजना है।

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