राज्य में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक करीब 3.5 अरब रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। यह संपत्तियां उन लोगों की बताई जा रही हैं, जिन्होंने अवैध तरीके से जमीन कब्जाकर या अन्य माध्यमों से काली कमाई की थी।
जमीन कब्जाने वालों पर कड़ी निगरानी
प्रदेश में भूमि विवाद के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस हर शिकायत पर कार्रवाई कर रही है। अब तक हजारों मामलों में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इन मामलों में दबंगों और संगठित गिरोहों द्वारा जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप सामने आए हैं।
पुलिस न सिर्फ ऐसे लोगों पर कार्रवाई कर रही है, बल्कि उन्हें चिन्हित कर उनकी पूरी गतिविधियों पर नजर भी रख रही है। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी मामलों को एंटी-भूमाफिया पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, जहां नियमित रूप से समीक्षा भी की जा रही है।
1300 से ज्यादा भूमाफिया चिन्हित
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1300 से अधिक भूमाफियाओं की पहचान की जा चुकी है। इनमें से कई के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्तियां जब्त की गई हैं। साथ ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। प्रदेश के विभिन्न मंडलों में भी कार्रवाई जारी है। गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन जैसे क्षेत्रों में भी भूमाफियाओं की पहचान कर उन पर कार्रवाई की गई है।
भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में अयोध्या जिला सबसे आगे है, जहां सबसे अधिक लोगों को चिन्हित किया गया है। यहां कई आरोपियों की संपत्तियां जब्त की गई हैं और कुछ को जेल भी भेजा गया है।
जांच और कुर्की की कार्रवाई जारी
सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी भी सैकड़ों मामलों की जांच चल रही है। कई भूमाफियाओं के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है, जिससे अवैध संपत्ति पर सीधा प्रहार किया जा रहा है।
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