परियोजना की मुख्य बातें
गाजियाबाद से सीतापुर के बीच पहले से दो रेल लाइन मौजूद हैं, जिन पर यात्री और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। अब इस रूट पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने के साथ-साथ इसे सीतापुर से बुढ़वल तक लगभग 96 किलोमीटर आगे बढ़ाया जाएगा। इससे यह मार्ग एक महत्वपूर्ण आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित होगा।
नए स्टेशन और रोजगार के अवसर
इस प्रोजेक्ट के तहत कई नए रेलवे स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिनमें न्यू हापुड़, न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर शामिल हैं। इससे न केवल यात्री सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। परियोजना के दौरान और इसके बाद लाखों मानव दिवस का रोजगार सृजित होने की संभावना है।
यात्रा समय में होगी कमी, यात्रियों को लाभ
वर्तमान में इस रूट पर ट्रेनों की भीड़ के कारण अक्सर देरी होती है। रोजा जंक्शन जैसे प्रमुख स्थानों पर ट्रेनों का लोड अधिक होने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है। नई लाइनों के शुरू होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही सुचारु होगी और यात्रा समय में 1 से 2 घंटे तक की कमी आ सकती है।
लखनऊ के लिए नया विकल्प, लोगों को राहत
लखनऊ से सीतापुर तक अभी सिंगल लाइन है, जिससे दबाव अधिक रहता है। इस सेक्शन की डबलिंग के साथ नए रूट विकसित होंगे, जिससे दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और पंजाब जैसे राज्यों के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा। इससे ट्रेनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।

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