बिहार में पशुपालकों को बड़ी खुशखबरी: घर-घर पहुंचेगी पशु चिकित्सा सेवा

मुजफ्फरपुर: बिहार में पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत भरी पहल की जा रही है। अब राज्य के पशुपालकों को बेहतर इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि सरकार मोबाइल वेटनरी यूनिट सेवा को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों तक समय पर पशु चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है।

मोबाइल वेटनरी यूनिट होगी और प्रभावी

नई व्यवस्था के तहत मोबाइल वेटनरी यूनिट्स को अधिक सक्रिय और सुलभ बनाया जाएगा। इससे पशुपालकों को उनके घर या गांव में ही पशुओं के इलाज की सुविधा मिल सकेगी। खासकर उन इलाकों में, जहां पशु अस्पतालों तक पहुंच मुश्किल होती है, यह सेवा बेहद उपयोगी साबित होगी।

1962 कॉल सेंटर से मिलेगी त्वरित मदद

सेवा को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए 1962 कॉल सेंटर के माध्यम से निगरानी की जा रही है। पशुपालक इस हेल्पलाइन पर कॉल करके तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। राज्य स्तर से इसकी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है, ताकि शिकायतों का जल्द समाधान हो सके।

प्रशिक्षण और संसाधनों पर भी जोर

हाल ही में भगवानपुर स्थित जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के नए भवन का निरीक्षण किया गया, जहां पशुपालन, मत्स्य और गव्य विकास से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। इस तरह के केंद्रों के माध्यम से न सिर्फ अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

पशुपालन योजनाओं का विस्तार

जिले में बकरी पालन, सुअर पालन और मुर्गी पालन जैसी कई योजनाएं पहले से संचालित हैं। अब इन योजनाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पशुपालकों की आय बढ़ाई जा सके। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें समय पर चिकित्सा सेवाएं और तकनीकी मार्गदर्शन भी मिले।

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