ट्रांसफर नीति में बड़ा बदलाव
विभागीय निर्णय के अनुसार अब अमीन अपनी पसंद के तीन जिलों का विकल्प देकर स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान होगी। जून महीने में इन आवेदनों के आधार पर ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
अमीनों को अब नया पदनाम
अमीनों के पदनाम को बदलने पर भी सहमति बनी है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो अब अमीनों को 'सहायक राजस्व अधिकारी-तकनीकी' के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव उनके कार्य की बढ़ती तकनीकी जिम्मेदारियों को देखते हुए किया जा रहा है।
सेवा संपुष्टि और नियमावली 2025
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि दो साल से अधिक सेवा कर चुके अमीनों की सेवा को अमीन संवर्ग नियमावली 2025 के तहत संपुष्ट किया जाएगा। इसके लिए उन्हें निर्धारित सक्षमता परीक्षा में शामिल होना होगा, जिसे बिपार्ड आयोजित करेगा।
संघ और विभाग के बीच बनी सहमति
यह निर्णय विभाग के सचिव और अमीन संघ के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। बैठक में कई मांगों पर विचार किया गया और कई मुद्दों पर सहमति बनी, जिससे लंबे समय से चल रही कई समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।
अमीनों के भत्तों में भी सुधार की तैयारी
अमीनों के कार्य को देखते हुए उन्हें क्षेत्र भ्रमण के लिए मासिक परिभ्रमण भत्ता देने पर भी विचार किया जा रहा है। साथ ही डिजिटल कार्यों के लिए इंटरनेट भत्ता देने का प्रस्ताव भी वित्त विभाग को भेजा जाएगा। इस बदलाव से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।
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