सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासन को गांव तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का तेजी से निपटारा करना है। रोस्टर के अनुसार अलग-अलग पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि हर क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके। लोग हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन करके यह जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे कि उनके क्षेत्र की पंचायत में शिविर कब लगेगा।
पंचायतों में लगेंगे सहयोग शिविर
नई व्यवस्था के तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अलग-अलग पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और लोगों की समस्याएं सुनेंगे। राज्य सरकार ने सभी मंत्रियों को भी अपने प्रभार वाले जिलों में शिविरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं भी कुछ पंचायतों में जाकर व्यवस्था का जायजा लेंगे और लोगों से सीधे संवाद करेंगे।
ऑन स्पॉट दर्ज होगी शिकायत
शिविरों में आने वाले लोगों की शिकायतें मौके पर ही दर्ज की जाएंगी। इसके लिए पहले से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो आवेदन लेकर उनका पंजीकरण सहयोग समाधान पोर्टल पर करेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि दर्ज की गई शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। समाधान होने के बाद संबंधित व्यक्ति को लिखित जानकारी भी दी जाएगी।
19 विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद
इन शिविरों में कई महत्वपूर्ण विभागों के काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को एक ही जगह पर अलग-अलग सेवाएं मिल सकें।
राशन कार्ड, पेंशन और आवास योजनाओं से जुड़ी समस्याएं।
जमीन विवाद, दाखिल-खारिज और सीमांकन के मामले।
जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदन।
बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की शिकायतें।
इसके अलावा लोग सरकार की योजनाओं को लेकर सुझाव और शिकायत भी दे सकेंगे।

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