राज्य में लंबे समय से कर्मचारी 7वें वेतन आयोग को लागू करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा चुनाव के दौरान भी इसे प्रमुख मुद्दों में शामिल किया गया था। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद कर्मचारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7वें पे कमीशन की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों की मासिक सैलरी में लगभग 10 हजार से 12 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि वास्तविक बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर और अंतिम सिफारिशों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाओं में भी लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम बंगाल में फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को 6वें वित्त आयोग के आधार पर वेतन दिया जा रहा है। इसी कारण राज्य के कर्मचारियों की सैलरी कई अन्य राज्यों की तुलना में कम मानी जाती रही है। उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में पहले से ही 7वां वेतन आयोग लागू है, जिससे वहां कर्मचारियों को अधिक वेतन और बेहतर भत्तों का लाभ मिल रहा है।
चुनावी वादा पूरा करने की तैयारी
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से 7वें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया था। नई सरकार बनने के बाद अब उस दिशा में कदम बढ़ा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा। अब आयोग के गठन को मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
DA को लेकर अभी फैसला नहीं
हालांकि कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर किसी नई घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में इस विषय पर अलग से निर्णय ले सकती है।

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