प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं और उनका सुरक्षित रहना सरकार की प्राथमिकता है।
बदला गया काम का समय
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (जी रामजी योजना) के तहत काम करने वाले श्रमिकों के कार्य समय में बदलाव किया गया है। अब श्रमिकों से सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3 बजे से 6 बजे तक ही कार्य कराया जाएगा। दोपहर के सबसे गर्म समय में काम पूरी तरह बंद रहेगा, ताकि श्रमिकों को तेज धूप और लू से बचाया जा सके।
कार्यस्थलों पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, छायादार स्थान, प्राथमिक उपचार किट और अन्य जरूरी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। इसके अलावा यदि किसी श्रमिक की तबीयत गर्मी या लू के कारण खराब होती है तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
श्रमिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में श्रमिकों की अहम भूमिका है, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बढ़ते तापमान को देखते हुए हर जिले में विशेष सतर्कता बरती जाए। किसी भी श्रमिक को असुविधा न हो और उन्हें सुरक्षित माहौल में काम करने का अवसर मिले, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
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