बालू की कीमतों में बड़ा उछाल
मानसून से पहले बालू की मांग तेजी से बढ़ गई है। हर साल 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक लगती है, जिसके कारण बाजार में पहले से ही कीमतें बढ़ने लगी हैं। कुछ सप्ताह पहले तक जो एक ट्रैक्टर बालू 5 हजार से 5,500 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब 7 हजार से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। कई इलाकों में इससे भी ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं।
सीमेंट भी हुआ महंगा
पिछले कुछ महीनों में सीमेंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार मार्च और अप्रैल के दौरान सीमेंट की प्रति बोरी कीमत में 40 से 50 रुपये तक का इजाफा हुआ था। हालांकि कुछ जगहों पर अब कीमतों में थोड़ी स्थिरता देखने को मिल रही है, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी का असर अब भी निर्माण लागत पर साफ दिखाई दे रहा है।
एल्युमीनियम के दामों ने वृद्धि
एल्युमीनियम की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान बड़ी तेजी देखने को मिली है। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई प्रभावित होने और आयात लागत बढ़ने के कारण स्थानीय बाजार में भी दाम बढ़े हैं। इसका असर खिड़की, दरवाजे, फ्रेम और अन्य फिटिंग सामग्री पर पड़ रहा है। घर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इन वस्तुओं के महंगे होने से कुल खर्च काफी बढ़ गया है।
मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित
निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि सीमित बजट में घर बनाने की योजना कर रहे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। पहले से तय बजट अब काफी कम पड़ रहा है और कई लोग निर्माण कार्य टालने पर मजबूर हो रहे हैं।

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