742 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस 742 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रोजेक्ट करीब 40 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा और इसे राज्य का सबसे बड़ा सड़क विकास प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
किन-किन इलाकों को जोड़ेगा यह कॉरिडोर?
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 18 जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य के बड़े हिस्से को सीधा लाभ मिलेगा। प्रमुख जिलों में शामिल हैं: शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, संतकबीर नगर, गोरखपुर और कुशीनगर।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे चार लेन का मुख्य कॉरिडोर होगा, जबकि बड़े पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज को छह लेन मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर एग्जिट रैंप भी बनाए जाएंगे।
विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस एक्सप्रेसवे से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

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