दलहन फसलों के रकबे में बड़ी बढ़ोतरी का लक्ष्य
कृषि विभाग ने इस वर्ष उर्द, मूंग और अरहर जैसी प्रमुख दलहन फसलों के क्षेत्रफल को बढ़ाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। पिछले वर्ष जहां इन फसलों की बुवाई लगभग 8.59 लाख हेक्टेयर में हुई थी, वहीं इस साल इसे बढ़ाकर करीब 11.70 लाख हेक्टेयर तक ले जाने की योजना है। इस विस्तार से प्रदेश में दलहन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि देश की दालों की मांग को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।
बीज वितरण पर मिलेगा भारी अनुदान
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बीज वितरण पर भी विशेष योजना बनाई है। इस वर्ष लगभग 49,129 क्विंटल दलहन बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें उर्द के लिए लगभग 23,958 क्विंटल, अरहर के लिए करीब 21,225 क्विंटल, मूंग के लिए लगभग 3,946 क्विंटल बीज शामिल हैं। इन बीजों पर किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा, जिससे खेती की लागत कम होगी और लाभ बढ़ेगा।
उर्द, अरहर और मूंग पर विशेष फोकस
योजना के तहत सबसे अधिक बढ़ोतरी उर्द की खेती में की जाएगी, जिसमें लगभग 1.60 लाख हेक्टेयर का विस्तार प्रस्तावित है। वहीं अरहर के क्षेत्रफल में करीब 1.32 लाख हेक्टेयर और मूंग में लगभग 19 हजार हेक्टेयर की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। इस रणनीति का उद्देश्य दलहन उत्पादन को संतुलित और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि प्रदेश दाल उत्पादन में मजबूत भूमिका निभा सके।
मूंगफली और मक्का उत्पादन को भी बढ़ावा
दलहन के साथ-साथ कृषि विभाग मूंगफली उत्पादन को भी बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए लगभग 57,446 क्विंटल बीज अनुदान पर किसानों को दिए जाएंगे। इसके अलावा त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मक्का बीज भी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

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