शिक्षा विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ाना और शिक्षकों की वास्तविक समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इससे न केवल सिस्टम में जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी अधिक अनुशासित बनाने में मदद मिलेगी।
पहले 500 मीटर था दायरा, अब हुआ सख्त बदलाव
पहले शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने के लिए लगभग 500 मीटर तक की छूट दी गई थी, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 34 मीटर कर दिया गया है। इस बदलाव के बाद यदि कोई शिक्षक निर्धारित दूरी से बाहर रहता है, तो ऐप में अनुमति अस्वीकृत का संदेश दिखेगा और अटेंडेंस दर्ज नहीं होगी।
ई-शिक्षाकोष ऐप पर लोकेशन आधारित सिस्टम
नई व्यवस्था में लोकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली को और अधिक सटीक बनाया गया है। स्कूल की लोकेशन पहले से सिस्टम में फीड की गई है, जिससे शिक्षक को स्कूल परिसर में पहुंचकर ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। शिक्षकों को 'गेट स्कूल लोकेशन' विकल्प का उपयोग करके अपनी लोकेशन अपडेट करने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि से बचा जा सके।
शिक्षकों के लिए जरूरी तकनीकी निर्देश
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को कई जरूरी निर्देश भी दिए हैं, जिनमें शामिल हैं:
ई-शिक्षाकोष ऐप का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करना।
स्कूल की सही लोकेशन समय-समय पर अपडेट करना।
मोबाइल में GPS और इंटरनेट कनेक्शन हमेशा चालू रखना।
किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में प्रखंड या जिला समन्वयक से संपर्क करना।

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