62 किमी हिस्से के लिए 725 करोड़ रुपये की मंजूरी
इस कॉरिडोर के पहले चरण में 62 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए लगभग 725.83 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 235 किलोमीटर से अधिक हिस्से के लिए प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। यह परियोजना चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
पूर्व-पश्चिम के बजाय उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी
अब तक उत्तर प्रदेश में अधिकतर राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पूर्व से पश्चिम दिशा में विकसित किए गए हैं। लेकिन इस नई योजना में बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने नेपाल सीमा से जुड़े जिलों से शुरू होकर उत्तर से दक्षिण दिशा में प्रमुख शहरों और जिलों को जोड़ने की रणनीति बनाई है। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
2340 किमी लंबे कॉरिडोर का बड़ा नेटवर्क
नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 2340 किलोमीटर है। इसमें से करीब 2041 किलोमीटर सड़क पहले से ही राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित की जा चुकी है। बाकी बचे 298.4 किलोमीटर हिस्से को अब नए सिरे से विकसित किया जा रहा है।
कई जिलों को होगा सीधा लाभ
इस परियोजना से श्रावस्ती, कुशीनगर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर, सीतापुर, बरेली, शाहजहांपुर, झांसी, ललितपुर और आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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