सरकार ने अनुदेशकों को एक साथ तीन बड़ी सौगात दी हैं। इनमें मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और महिला अनुदेशकों के लिए मातृत्व अवकाश शामिल है।
1 .मानदेय में हुआ बड़ा इजाफा
राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से अनुदेशकों के मानदेय में 9 हजार रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। इसके बाद उनका मासिक मानदेय बढ़कर 17 हजार रुपये हो गया है। इससे पहले अनुदेशकों को 9 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरित करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
2 .इलाज की सुविधा से बड़ी राहत
सरकार ने सिर्फ मानदेय बढ़ाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि अनुदेशकों को स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। अब अनुदेशकों को कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। इस सुविधा के तहत जरूरत पड़ने पर वे सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना तत्काल भुगतान किए इलाज करा सकेंगे। इससे आर्थिक रूप से कमजोर अनुदेशकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
3 .महिला अनुदेशकों को मिलेगा मातृत्व अवकाश
प्रदेश सरकार ने महिला अनुदेशकों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब महिला अनुदेशकों को छह महीने का मातृत्व अवकाश मिलेगा। इससे पहले इस तरह की सुविधा नहीं होने के कारण कई महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सरकार के इस निर्णय को महिला कर्मचारियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। इससे उन्हें नौकरी और परिवार दोनों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

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