ऑपरेशन-4 के तहत 4 बड़ी योजनाएं
सरकार की यह रणनीति चार अलग-अलग योजनाओं पर आधारित है, जिनका उद्देश्य पशुपालन को लाभकारी बनाना और देसी नस्लों को बढ़ावा देना है। इन योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को सब्सिडी और प्रोत्साहन दोनों दिए जा रहे हैं।
डेयरी यूनिटों पर 50% तक सब्सिडी
नंदिनी और मिनी नंदिनी योजनाओं के तहत डेयरी यूनिट स्थापित करने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। इस मॉडल में लाभार्थी को लगभग 15 प्रतिशत निवेश करना होता है, जबकि 35 प्रतिशत बैंक ऋण और शेष राशि सरकारी सहायता के रूप में मिलती है। इससे छोटे किसानों और पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने में आसानी हो रही है।
दो गायों वाली यूनिट पर 80,000 रुपये
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के तहत दो गायों की यूनिट स्थापित करने पर 80,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य देसी गायों की नस्लों को बढ़ावा देना और दूध उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
प्रगतिशील पशुपालकों को प्रोत्साहन
गिर, साहीवाल और गंगातीरी जैसी उच्च दूध उत्पादन वाली देसी नस्लों को पालने वाले पशुपालकों को सरकार की ओर से 10,000 से 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। यह योजना पशुपालकों को बेहतर नस्लों के पालन के लिए प्रेरित करती है और गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन को बढ़ावा देती है।

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