बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ महीनों में दूध, सब्जियां, पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ा है, जिसका असर बाजार में बिकने वाले लगभग हर सामान पर दिखाई दे रहा है। महंगाई का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। इसी वजह से कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से DA बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
जनवरी 2026 में हुआ था बढ़ोतरी
इस साल जनवरी 2026 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद DA बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। इस फैसले का लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को मिला था।
CPI-IW आंकड़ों पर निर्भर करता है DA
विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई भत्ता पूरी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) पर आधारित होता है। इसमें रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, ईंधन और जरूरी सेवाओं की कीमतों को शामिल किया जाता है। यदि आने वाले महीनों में महंगाई दर ऊंची बनी रहती है, तो जुलाई 2026 में DA बढ़ने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।
आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार DA बढ़ोतरी का फैसला लेते समय सिर्फ कुछ वस्तुओं की कीमतों को नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक माहौल और महंगाई के रुझान को ध्यान में रखेगी। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो कर्मचारियों को अगले DA संशोधन में अच्छी बढ़ोतरी मिल सकती है।

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