कर्मचारियों पर पड़ेगा सीधा असर! केंद्र सरकार का नया फैसला चर्चा में

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े नियमों को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सीजीएचएस यानी केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना के तहत आश्रित परिवार सदस्यों को शामिल करने के नियमों को स्पष्ट करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। सरकार के इस फैसले का असर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है।

क्या है नया नियम?

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना और केंद्रीय सेवा चिकित्सा नियमों के तहत पुरुष कर्मचारी को यह तय करना होगा कि वह अपने माता-पिता को आश्रित बनाएगा या फिर सास-ससुर को। एक बार यह विकल्प चुनने के बाद भविष्य में इसमें बदलाव की अनुमति नहीं होगी।

कर्मचारियों में बढ़ी चर्चा

सरकार के इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम भविष्य में विवाद और बार-बार बदलाव की प्रक्रिया को रोकने के उद्देश्य से लाया गया है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि बदलती पारिवारिक परिस्थितियों में भविष्य में परेशानी भी हो सकती है।

पहले भी मौजूद थी यह सुविधा

मंत्रालय के अनुसार यह व्यवस्था पहले से लागू थी, लेकिन अब इसे स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इससे पहले भी कर्मचारियों को माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक पक्ष को चुनने की सुविधा दी गई थी। बाद में इस सुविधा का दायरा बढ़ाकर अन्य केंद्रीय कर्मचारियों तक भी लागू किया गया। अब नए आदेश के जरिए यह साफ कर दिया गया है कि चुना गया विकल्प स्थायी माना जाएगा।

बच्चों के लिए भी तय हैं नियम

सरकारी नियमों के अनुसार बेटों को एक निश्चित आयु या विवाह तक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलता है। वहीं बेटियों को विवाह तक योजना का लाभ दिया जाता है। तलाकशुदा या अलग रह रही आश्रित बेटियों और उनके बच्चों को भी कुछ शर्तों के साथ योजना में शामिल किया जा सकता है।

कौन-कौन आते हैं परिवार की श्रेणी में

सीजीएचएस नियमों के तहत कर्मचारी के परिवार में पति या पत्नी के अलावा अन्य पात्र आश्रित सदस्य भी शामिल किए जा सकते हैं। इनमें माता-पिता, सास-ससुर, भाई-बहन, विधवा बेटी, बच्चे और कुछ विशेष परिस्थितियों में अन्य आश्रित सदस्य शामिल हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आश्रित वही माना जाएगा जिसकी मासिक आय निर्धारित सीमा से कम हो। हालांकि पति या पत्नी पर यह आय सीमा लागू नहीं होगी।

मंत्रालय ने सभी विभागों को भेजे निर्देश

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इस नियम की जानकारी संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए और इसका पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार के इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को सीजीएचएस के तहत आश्रित सदस्य चुनने से पहले काफी सोच-समझकर निर्णय लेना होगा, क्योंकि बाद में इसे बदलने का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा।

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