बिहार सरकार की नई पहल, भूमिहीनों को मिलेगा घर का मालिकाना हक

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के भूमिहीन और आवासहीन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर पूरे राज्य में ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत पात्र परिवारों को वासभूमि का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य परिवार जमीन और आवास के अधिकार से वंचित न रहे।

विशेष अभियान के तहत होगा वितरण

सरकार के निर्देश के अनुसार 15 जून से 21 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान उन सभी पात्र भूमिहीन परिवारों को चिन्हित कर बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जिन्हें अब तक यह सुविधा नहीं मिल पाई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस कार्य को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।

सरकारी जमीन पर बसे परिवारों का सर्वे

अभियान के तहत उन परिवारों की भी जांच और सर्वेक्षण किया जाएगा, जो पहले से सरकारी भूमि, गैरमजरुआ खास या गैरमजरुआ आम भूमि पर रह रहे हैं। ऐसे मामलों में उनकी पात्रता का मूल्यांकन कर उन्हें कानूनी रूप से भूमि का अधिकार देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पांच डिसमिल तक भूमि का अधिकार

सरकार ने निर्देश दिया है कि पात्र परिवारों को अधिकतम पांच डिसमिल तक आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य गरीब और भूमिहीन परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें सुरक्षित जीवन मिल सके।

जहां जमीन नहीं, वहां मिलेगी आर्थिक सहायता

जिन स्थानों पर सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां सरकार मुख्यमंत्री गृहस्थल क्रय सहायता योजना के तहत पात्र परिवारों को भूमि खरीदने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी परिवार बिना घर के न रहे।

इस सन्दर्भ में सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश

जिला स्तर पर अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों को इस अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सभी अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण, सत्यापन और राजस्व कार्रवाई को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अभियान की नियमित समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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