महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहा नया पुल
यह नया पुल ऐतिहासिक महात्मा गांधी सेतु के समानांतर तैयार किया जा रहा है, जिससे राजधानी पटना और उत्तर बिहार के बीच यातायात का दबाव कम होगा। यह पुल पटना, सारण और वैशाली जिलों को एक मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा। करीब 14.5 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लागत और समय सीमा में बदलाव
इस परियोजना की शुरुआत में अनुमानित लागत करीब 2574 करोड़ रुपये थी, लेकिन निर्माण कार्य और तकनीकी जरूरतों के चलते अब यह बढ़कर लगभग 2926 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। सरकार का लक्ष्य है कि इस पुल पर यातायात 2027 तक शुरू कर दिया जाए।
2021 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य
इस पुल का निर्माण कार्य मार्च 2021 में शुरू हुआ था। निर्माण की जिम्मेदारी S P Singla Constructions Private Limited को दी गई है। वहीं गुणवत्ता की निगरानी के लिए Dohwa Engineering Company Limited को अथॉरिटी इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया गया है।
किन जिलों को मिलेगा फायदा?
इस पुल के बन जाने से सबसे बड़ा लाभ पटना, वैशाली, सारण, मुजफ्फरपुर, सीवान जिले के लोगों को मिलेगा। इन इलाकों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और ट्रैफिक जाम की समस्या भी घटेगी।
किसानों को सीधा फायदा
उत्तर बिहार के किसानों को अपनी उपज जैसे फल और सब्जियां पटना की मंडियों तक जल्दी पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे ट्रांसपोर्ट खर्च घटेगा और किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।
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