सभी अंचलों में आज से शुरू हुआ विशेष शिविर
राज्य के सभी अंचलों में 11 जून से विशेष शिविरों का आयोजन शुरू किया गया है, जो निर्धारित अवधि तक लगातार संचालित किए जाएंगे। इस दौरान भूमि से संबंधित विभिन्न प्रकार के लंबित आवेदनों की समीक्षा और उनके निपटारे की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। खास बात यह है कि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा देने के लिए अवकाश के दिन भी शिविर लगाए जाएंगे।
अधिकारियों को सौंपी गई विशेष जिम्मेदारी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं लिया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। अभियान की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।
सभी आवेदनों का होगा डिजिटलीकरण
इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य भूमि संबंधी आवेदनों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ना है। विशेष शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों की स्कैनिंग कर उन्हें ऑनलाइन पोर्टलों पर अपलोड किया जाएगा। इससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और आवेदकों को अपने मामलों की स्थिति जानने में आसानी होगी।
त्वरित निष्पादन पर रहेगा फोकस
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि केवल आवेदन प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उनके शीघ्र निपटारे पर भी विशेष ध्यान देना होगा। कोशिश की जाएगी कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए, जिससे लोगों को वर्षों तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
सर्वे कर्मियों की भी ली जाएगी मदद
अभियान को सफल बनाने के लिए भूमि सर्वेक्षण कार्य से जुड़े कर्मियों की सेवाएं भी ली जाएंगी। इससे आवेदनों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि जिन जिलों में भूमि सर्वेक्षण का कार्य अंतिम चरण में है, वहां के कर्मियों को इस अभियान से अलग रखा गया है ताकि सर्वेक्षण का कार्य समय पर पूरा हो सके।
जमीन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
इस विशेष अभियान से उन लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है जिनके भूमि संबंधी आवेदन लंबे समय से लंबित हैं। दाखिल-खारिज, भूमि रिकॉर्ड सुधार, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन और अन्य संबंधित मामलों में तेजी आने से लोगों की परेशानी कम होगी। साथ ही सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

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