आपको बता दें की ग्रामीण विकास मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) को जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई नियम या आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसमें प्रवासी मजदूरों को सिर्फ बाहर रहने के कारण योजना से बाहर किया जाए।
बाहर काम करने वाले परिवार भी ले सकेंगे लाभ
कई ग्रामीण परिवार रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों में जाकर काम करते हैं। ऐसे में उनके लिए यह चिंता रहती है कि गांव से दूर रहने की वजह से सरकारी योजनाओं का फायदा मिलेगा या नहीं। मंत्रालय के अनुसार, अगर कोई परिवार योजना की तय पात्रता को पूरा करता है तो केवल अस्थायी प्रवास के आधार पर उसे पीएम आवास योजना-ग्रामीण से बाहर नहीं किया जा सकता।
आरटीआई के जवाब में आया स्पष्टीकरण
यह जानकारी एक आरटीआई अपील की सुनवाई के दौरान सामने आई। आवेदक ने सवाल पूछा था कि क्या काम के लिए कुछ समय के लिए गांव से बाहर जाने वाले ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और अन्य ग्रामीण कल्याण योजनाओं के लाभ से रोका जा सकता है। इस पर मंत्रालय ने जवाब दिया कि ऐसी कोई विशेष गाइडलाइन, सर्कुलर या नीति नहीं है, जिसके तहत बाहर रहने वाले परिवारों को योजना से वंचित किया जाए।
पात्रता नियमों के आधार पर मिलेगा घर
मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों का चयन केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए नियमों और दिशा-निर्देशों के आधार पर होता है। योजना को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है।यानी लाभ पाने के लिए परिवार का पात्र होना जरूरी है, लेकिन रोजगार के कारण कुछ समय के लिए गांव से बाहर रहना अपने आप में लाभ रोकने का कारण नहीं बनेगा।
लाखों ग्रामीण परिवारों को राहत की उम्मीद
सरकार के इस स्पष्टीकरण से उन प्रवासी मजदूरों को राहत मिल सकती है, जो रोजी-रोटी के लिए अपने गांव से बाहर रहते हैं। अब योजना का लाभ लेने में सिर्फ अस्थायी प्रवास को बाधा नहीं माना जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गरीब परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को बेहतर आवास सुविधा मिल सके।
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