बिहार के बाद यूपी में मानसून की एंट्री: कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। देशभर में मौसम ने करवट ले ली है और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। बिहार में दस्तक देने के बाद अब मानसून उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ चुका है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, मानसून ने यूपी के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर लिया है और आने वाले दिनों में यह पूरे राज्य को कवर कर सकता है। इस बदलाव से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

कई राज्यों में आगे बढ़ रहा मानसून

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पश्चिम बंगाल, बिहार के कुछ हिस्सों, ओडिशा और झारखंड में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। मानसून की उत्तरी सीमा अब हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर जैसे क्षेत्रों तक पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि मानसून अब पूर्वी और मध्य भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही उत्तर भारत के बड़े हिस्सों में सक्रिय हो सकता है।

कुछ दिनों में तेज बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और बिहार के और इलाकों को भी कवर कर लेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो सकता है। इस दौरान कई जगहों पर भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।

यूपी में बदलने लगा मौसम का मिजाज

उत्तर प्रदेश में मानसून के प्रवेश के साथ ही मौसम का मिजाज बदलना शुरू हो गया है। कई जिलों में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-एनसीआर में पहले ही वेस्टर्न डिस्टरबेंस और प्री-मानसून बारिश के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है। अब मानसून के प्रभाव से तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है।

किसानों और आम लोगों को बड़ी राहत

मानसून की इस शुरुआत से सबसे ज्यादा राहत किसानों को मिलेगी, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। अच्छी बारिश होने पर धान, मक्का और अन्य फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। वहीं आम लोगों के लिए भी यह मौसम गर्मी से बड़ी राहत लेकर आया है। हालांकि भारी बारिश के चलते जलभराव और स्थानीय समस्याओं की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की भी जरूरत है।

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