पटना जिला शिक्षा कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और अभिभावकों को जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसी को देखते हुए यह सख्त निर्देश जारी किया गया है।
वेबसाइट पर देनी होगी पूरी जानकारी
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी वेबसाइट पर शिक्षकों की संख्या और उनकी योग्यता, स्कूल की शैक्षणिक संरचना, उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं, प्रत्येक कक्षा में छात्रों और शिक्षकों का अनुपात, कुल विद्यार्थियों की संख्या, इसके साथ ही स्कूलों को अपने फीस स्ट्रक्चर और वार्षिक शुल्क की पूरी जानकारी भी सार्वजनिक करनी होगी।
बस और परिवहन का भी विवरण जरूरी
नए निर्देश के अनुसार निजी स्कूलों को अपनी परिवहन व्यवस्था का पूरा ब्यौरा भी वेबसाइट पर देना होगा। इसमें शामिल है स्कूल बसों की कुल संख्या, वैन और मिनी बसों की जानकारी, परिवहन सुविधा का विवरण आदि। इसके अलावा स्कूलों को अपनी मान्यता और बोर्ड से संबंधित नवीनतम अपडेट भी साझा करना अनिवार्य होगा।
नियम न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि कोई स्कूल 30 जून तक जानकारी अपलोड नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें मान्यता से जुड़े मामलों की समीक्षा और अन्य प्रशासनिक कदम भी शामिल हो सकते हैं।
जुलाई में चलेगा विशेष जांच अभियान
प्राइवेट स्कूलों की निगरानी के लिए जिला स्तर पर 1 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी स्कूलों की विस्तृत जांच की जाएगी। इस अभियान में शिक्षा के अधिकार (RTE) नियमों के पालन के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों के नामांकन और आधार/अपार (APAAR) डाटा की भी जांच की जाएगी।

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