CM सम्राट का आदेश! बिहार के सभी विभागों में होगा लागू

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और अनुशासित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया है। इस नए आदेश के बाद सरकारी कार्यालयों में कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

पंचायत से लेकर जिला तक 

हाल ही में जारी सामान्य प्रशासन विभाग आदेश के अनुसार अब बिहार के सभी सरकारी कार्यालयों में बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से उपस्थिति दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक सभी विभागों पर लागू होगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

देर से आने पर होगी कार्रवाई

नए नियमों के तहत अब कार्यालयों में देर से आने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि देरी की स्थिति में अवकाश समायोजन या वेतन कटौती भी की जा सकती है। सरकार का कहना है कि अब “देर से आना और जल्दी जाना” जैसी आदतों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी।

वेतन भुगतान भी उपस्थिति पर आधारित

सरकारी आदेश में यह भी साफ किया गया है कि अब कर्मचारियों का वेतन भुगतान उनकी बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर किया जाएगा। यानी नियमित उपस्थिति दर्ज कराना अब अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सभी कार्यालय प्रमुखों को हर महीने उपस्थिति रिपोर्ट का प्रिंटआउट तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मशीनों की मरम्मत और नई व्यवस्था पर जोर

जिन कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें खराब हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं जहां यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां जल्द से जल्द मशीनें लगाने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि तकनीक के सही उपयोग से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।

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