आपको बता दें की योगी सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के बेटियों को कॉलेज आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो और वे बिना रुकावट अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। इस योजना से करीब 60 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की संभावना है।
योजना के लिए 400 करोड़ का बजट
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से योजना की पात्रता और नियमों का खाका तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी।
किन छात्राओं को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रताएं तय की गई हैं। छात्रा उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए। छात्रा किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त निजी विश्वविद्यालय/डिग्री कॉलेज में पढ़ाई कर रही हो। स्नातक या परास्नातक की पढ़ाई करने वाली छात्राएं पात्र होंगी। स्नातक प्रथम वर्ष में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाली मेधावी छात्राओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के अंदर होनी चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना शुरू होने के बाद आवेदन के लिए छात्राओं को कुछ जरूरी कागजात देने पड़ सकते हैं। आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, मार्कशीट, कॉलेज आईडी या प्रवेश प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते की जानकारी, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर।
कब शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया?
उच्च शिक्षा विभाग ने योजना की तैयारी पूरी कर ली है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा, जहां छात्राएं घर बैठे आवेदन कर सकेंगी।

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