केंद्र सरकार का फैसला, किसानों व कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को केंद्रीय कैबिनेट ने दो अहम फैसले लिए हैं, जो सीधे तौर पर किसानों और केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आए हैं। दोनों निर्णय सरकार की किसानों और कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इससे उर्वरक सब्सिडी से खेती की लागत कम होगी और लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा, जबकि वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

1. किसानों के लिए 37,952 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी

केंद्रीय कैबिनेट ने रबी सीजन 2025-26 (1 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक) के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश (पीएंडके) उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों को मंजूरी दी। इसके तहत किसानों को डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्‍फेट) और एनपीकेएस (नाइट्रोजन, फॉस्‍फोरस, पोटाश, सल्फर) जैसे उर्वरक किफायती कीमतों पर उपलब्ध होंगे।

इस सब्सिडी की राशि सीधे उर्वरक कंपनियों को दी जाएगी, ताकि वे किसानों को उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध करा सकें। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती की लागत कम हो और किसानों की आय बढ़े। इस निर्णय से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को लाभ मिलेगा।

2. 8वें वेतन आयोग का गठन, कर्मचारियों को खुशखबरी

कैबिनेट ने 8वें वेतन आयोग के गठन को भी हरी झंडी दी। यह आयोग अगले 18 महीनों में अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, इस आयोग की सिफारिशें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों, डिफेंस सर्विस और करीब 69 लाख पेंशनभोगियों को लाभ पहुंचाएंगी।

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई इस आयोग की चेयरमैन होंगी, जबकि आईआईएम बैंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव पंकज जैन सदस्य होंगे। सरकार की योजना है कि आयोग की अनुशंसाएं अगले साल 1 जनवरी से लागू हों।

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