भारत में शुरू होगा पैसेंजर एयरक्राफ्ट निर्माण
यह समझौता इसलिए भी खास है क्योंकि भारत में 1961 से 1988 के बीच आखिरी बार पैसेंजर विमान का संपूर्ण उत्पादन हुआ था। उस समय HAL ने AVRO HS748 नामक विमान तैयार किया था। लगभग चार दशक बाद देश में फिर से ऐसा मौका आया है जब कोई पैसेंजर एयरक्राफ्ट पूरी तरह भारत में बनेगा।
SJ-100 की विशेषताएं
SJ-100 एक दो इंजन वाला आधुनिक जेट एयरक्राफ्ट है, जो अपनी दक्षता और डिजाइन के लिए जाना जाता है। इसका ढांचा हल्का और पतला है, जिससे यह ईंधन की बचत करता है और उड़ान की लागत कम होती है। दुनिया भर की लगभग 16 एयरलाइंस पहले से ही SJ-100 का उपयोग कर रही हैं और अब तक इसके 200 से अधिक यूनिट तैयार किए जा चुके हैं।
भारत को मिलेगा लाभ
यह साझेदारी भारत के सिविल एविएशन सेक्टर के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है। ‘मेक इन इंडिया’ पहल को इससे नई गति मिलेगी, साथ ही देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर पैसेंजर विमानों के उत्पादन से भारत की विदेशी निर्भरता कम होगी और तकनीकी विशेषज्ञता में भी वृद्धि होगी।
भविष्य की बढ़ती मांग
एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले 10 वर्षों में भारत को लगभग 200 नए पैसेंजर एयरक्राफ्ट की आवश्यकता होगी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए 350 और विमानों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में SJ-100 के निर्माण से भारत इस मांग को घरेलू स्तर पर पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है।

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