गांवों में बैंकिंग सेवाओं की नई राह
अब ग्रामीणों को कृषि लोन, गोल्ड लोन या अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए शहरों या ब्लॉकों के बैंक शाखाओं तक नहीं जाना पड़ेगा। पंचायत सहायक ही गांव में बैंकिंग सेवाओं का माध्यम बनेंगे। इनके जरिए खाते खोलने, लोन की जानकारी लेने, सावधि जमा करवाने जैसे काम किए जा सकेंगे।
एचडीएफसी बैंक के सहयोग से शुरू हुई ट्रेनिंग
विभाग ने एचडीएफसी बैंक के साथ मिलकर इस योजना की शुरुआत की है। पहले चरण में 210 पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। आगे चलकर राज्य की 57,694 ग्राम पंचायतों में तैनात सभी पंचायत सहायकों को यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कमीशन के रूप में मिलेगा लाभ
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, जो पंचायत सहायक बैंकिंग करेस्पांडेंट के रूप में काम करेंगे, उन्हें बैंकों की ओर से कमीशन प्राप्त होगा। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि गांवों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच भी सुदृढ़ होगी।
ग्रामीणों को मिलेगी दोहरी सुविधा
अब तक उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी बीसी सखी (BC Sakhi) ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं दे रही थीं। अब पंचायत सहायक भी इस क्षेत्र में सक्रिय होंगे, जिससे ग्रामीणों के पास बैंकिंग कार्यों के लिए दो विकल्प उपलब्ध होंगे, बीसी सखी और पंचायत सहायक।
आगे का लक्ष्य
शुरुआत में पंचायत सहायकों को लोन आवेदन, सावधि जमा जैसे कार्य दिए जाएंगे। बाद में उन्हें जमा-निकासी और अन्य बैंकिंग लेन-देन करने की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। विभाग की अन्य बैंकों पंजाब नेशनल बैंक और एक्सिस बैंक से भी इस संबंध में बातचीत चल रही है।

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