योजना का उद्देश्य
राज्य के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है। किसानों की आय में वृद्धि करना, दूध उत्पादन को बढ़ावा देना, और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना। योजना के अंतर्गत किसानों को न केवल वित्तीय सहायता दी जाएगी, बल्कि उन्हें बेहतर नस्ल के डेयरी पशु, चारा और पशु चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
पंजीकरण की प्रक्रिया
इस योजना का लाभ पाने के लिए इच्छुक किसानों को पशुपालन विभाग में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। विभाग द्वारा पंजीकृत लाभार्थियों को सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में दी जाएगी। साथ ही, पशुओं की खरीद और रखरखाव में आवश्यक तकनीकी सहायता भी विभाग की ओर से दी जाएगी।
ग्रामीण विकास की दिशा में बड़ा कदम
‘नंद बाबा दूध मिशन’ योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने का साधन बनेगी, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनर्जीवन में भी अहम भूमिका निभाएगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े कृषि राज्य में डेयरी सेक्टर को मजबूत करना रोजगार, पोषण और आत्मनिर्भरता, तीनों लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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