59 हजार से अधिक गांवों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिसके तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना 2026 लागू की जाएगी। इस योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 59,163 ग्राम सभाओं तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक लगभग 12 हजार से अधिक गांवों में ही बसें पहुंचती हैं, लेकिन इस नई योजना से बड़ी संख्या में गांवों को सीधा परिवहन संपर्क मिलेगा।
छोटी बसों का होगा संचालन
ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना के लिए 28 सीटों वाली छोटी बसों के संचालन का फैसला किया है। कई गांवों में सड़कें संकरी होने के कारण बड़ी बसों का संचालन संभव नहीं होता, इसलिए छोटी बसों के जरिए गांवों तक पहुंच आसान बनाई जाएगी।
सुबह से शाम तक तय होगा रूट
सरकार की योजना के अनुसार बसें सुबह गांवों से निकलकर ब्लॉक और तहसील होते हुए जिला मुख्यालय तक पहुंचेंगी। कोशिश होगी कि अधिकतर बसें सुबह करीब 10 बजे तक जिला मुख्यालय पहुंच जाएं, जिससे लोगों को सरकारी कामकाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय मिल सके। दोपहर में बसों के रूट में बदलाव किया जाएगा और शाम तक ये बसें वापस गांवों तक पहुंचेंगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
इस योजना की एक खास बात यह भी है कि बसों के संचालन में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार की कोशिश होगी कि बसों के ड्राइवर और कंडक्टर उसी क्षेत्र या गांव के हों, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सेवा मिल सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हों।
निजी ऑपरेटरों को भी मिलेगा मौका
सरकार ने इस योजना में निजी ऑपरेटरों को भी शामिल करने का फैसला किया है। बसें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के साथ अनुबंध के आधार पर चलेंगी, जबकि इस योजना के तहत कई तरह के टैक्स में छूट भी दी जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी जो बसों के संचालन और व्यवस्था की निगरानी करेगी।
ग्रामीणों की यात्रा होगी आसान
अभी कई ग्रामीणों को जिला मुख्यालय या शहर तक पहुंचने के लिए निजी या अवैध वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इस योजना के लागू होने से गांवों से शहरों तक सुरक्षित और नियमित बस सेवा उपलब्ध होगी, जिससे ग्रामीणों की यात्रा आसान और सस्ती हो जाएगी।
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