क्यों छूट गए थे इतने छात्र?
शैक्षिक सत्र 2025-26 में बड़ी संख्या में छात्र तकनीकी समस्याओं की वजह से योजना का लाभ नहीं उठा पाए। खासतौर पर एनआईसी स्तर पर फीस प्रोसेसिंग में आई दिक्कतों के कारण कई आवेदनों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इससे हजारों पात्र छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह गए।
अब खुलेगा पोर्टल फिर से
इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने छात्रवृत्ति पोर्टल को दोबारा खोलने का निर्णय लिया है। जल्द ही विद्यार्थी दोबारा आवेदन कर सकेंगे और अपनी अधूरी प्रक्रिया को पूरा कर पाएंगे। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य छात्र सिर्फ तकनीकी कारणों से पीछे न रह जाए।
पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया
सरकार ने साफ किया है कि इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी से बचा जा सके।
पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा कोई असर
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आर्थिक तंगी के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। जो छात्र अब तक फीस या अन्य खर्चों के कारण परेशान थे, उन्हें राहत मिलेगी और वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। यह कदम राज्य में शिक्षा को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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