केंद्र सरकार के 5 बड़े फैसले: LPG की संकट दूर, लोगों को खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र को राहत देने के लिए हाल ही में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिनका सीधा असर उत्पादन, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला है। खासतौर पर LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की सप्लाई बढ़ाने का निर्णय ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बनी हुई है।

LPG संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते LPG की उपलब्धता पर असर पड़ रहा था। ऐसे में सरकार ने इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए गैस आवंटन बढ़ाकर बड़ी राहत दी है। नए फैसले के तहत अब कंपनियों को मार्च 2026 से पहले के स्तर का लगभग 70% LPG उपलब्ध कराया जाएगा।

किन सेक्टर को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

सरकार के इस फैसले से कई प्रमुख उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा, जैसे: फार्मा (दवा उद्योग), फूड प्रोसेसिंग, एग्रीकल्चर आधारित उद्योग, पॉलिमर और पैकेजिंग, पेंट, स्टील और सिरेमिक, मेटल, ग्लास और फाउंड्री। ये सभी सेक्टर देश की आर्थिक गतिविधियों की रीढ़ माने जाते हैं, इसलिए इनके लिए निरंतर ऊर्जा आपूर्ति बेहद जरूरी है।

सप्लाई बढ़ाने के साथ नियंत्रण भी

सरकार ने LPG सप्लाई को बढ़ाकर 70% तक कर दिया है, लेकिन इसके साथ एक सीमा भी तय की गई है। कुल औद्योगिक सेक्टर के लिए प्रतिदिन 0.2 हजार टन की सीमा रखी गई है, ताकि वितरण संतुलित बना रहे और किसी एक सेक्टर को अत्यधिक लाभ न मिल जाए।

सरकार की PNG से जुड़ी शर्तें

सरकार ने कंपनियों के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ रजिस्ट्रेशन जरूरी, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए आवेदन करना पड़ सकता है हालांकि, जहां LPG का कोई विकल्प नहीं है, वहां इन शर्तों में छूट दी जाएगी, जिससे जरूरी उद्योगों को दिक्कत न हो।

पहले भी मिल चुकी है राहत

यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने LPG सप्लाई बढ़ाई हो। मार्च 2026 में ही इसे पहले 20% से बढ़ाकर 50% किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। पहले चरण में स्टील, ऑटोमोबाइल और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर को प्राथमिकता दी गई थी, जबकि अब दायरा और भी व्यापक कर दिया गया है।

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