स्क्रीनिंग या टेस्ट पर भी जुर्माना
यदि कोई निजी स्कूल नर्सरी या कक्षा एक में नामांकन के लिए बच्चों से साक्षात्कार या टेस्ट (स्क्रीनिंग प्रक्रिया) करता है, तो उस पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य बच्चे बिना किसी भेदभाव के शिक्षा प्राप्त कर सकें।
चरणबद्ध जुर्माना प्रणाली
प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया है:
आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर ₹25,000 का जुर्माना।
दूसरी बार उल्लंघन होने पर जुर्माना बढ़कर ₹50,000 हो जाएगा।
बिना स्वीकृति वाले प्रारंभिक विद्यालय चलाने पर ₹1 लाख तक का जुर्माना।
निर्धारित तिथि के बाद भी स्कूल संचालित रहने पर प्रतिदिन ₹10,000 की दर से अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा।
सरकार का संदेश
राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना सर्वोपरि है। किसी भी निजी विद्यालय को आरटीई के नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में यह निर्देश जारी कर दिया है ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

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