चौथे फेज की मंजूरी के लिए नया प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के चौथे पैकेज की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है। इस प्रस्ताव में न केवल सड़क निर्माण की पूरी जानकारी, बल्कि ऑपरेशन और मेंटेनेंस रेट भी शामिल है। केंद्रीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सड़क निर्माण के बाद गुणवत्ता बनाए रखने और यातायात के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
चौथे फेज में सड़क निर्माण
बिहार में चौथे फेज की लंबाई लगभग 41 किलोमीटर है। यह सड़क रोहतास और कैमूर जिलों से होकर गुजरेगी। इसे हाइब्रिड एन्यूटी मोड में विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माण एजेंसी 60 प्रतिशत राशि खर्च करेगी और सरकार शेष 40 प्रतिशत खर्च का प्रावधान करेगी। निर्माण एजेंसी अपनी लागत की वसूली टोल शुल्क के माध्यम से करेगी।
एक्सप्रेसवे की पूरी योजना
वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण कुल 13 फेज़ में पूरा किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 610 किलोमीटर होगी और यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। निर्माण का लक्ष्य साल 2027 तक पूरा करना है।
जनता के लिए लाभ
इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण के बाद सड़क का रख-रखाव और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए नई प्रणाली लागू की जाएगी।

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