यूपी के स्कूलों में नई व्यवस्था लागू, प्रधानाध्यापक खुद बनाएंगे टाइम टेबल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब स्कूल के प्रधानाध्यापक अपने स्तर से टाइम टेबल तय करेंगे। इससे न केवल पढ़ाई को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा, बल्कि स्कूल में क्षेत्रीय और आंचलिक गतिविधियों को भी शामिल करना आसान होगा।

अब तक की व्यवस्था

आपको बता दें की यूपी के स्कूलों में पहले तक टाइम टेबल का निर्धारण केंद्र से केंद्रीयकृत तरीके से होता था। विभाग द्वारा तय किए गए टाइम टेबल का पालन कई स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता था, खासकर उन विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की संख्या कम थी।

नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु

प्रधानाध्यापक तय करेंगे टाइम टेबल: अब प्रत्येक स्कूल अपने स्तर पर 40 मिनट के पीरियड निर्धारित करेगा।

पाठ्यक्रम में आसानी: नई व्यवस्था से पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना आसान होगा।

क्षेत्रीय गतिविधियों को शामिल करना: खेल, नवाचार और स्थानीय गतिविधियों को टाइम टेबल में जोड़ा जा सकेगा।

समय अनुसार संचालन: परिषदीय स्कूल एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक, और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे।

इस नई व्यवस्था से क्या होगा लाभ

उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि इस बदलाव से स्कूलों में गतिविधियां बढ़ेंगी और संचालन आसान होगा। शिक्षक अपनी क्षमता और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार छात्रों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन कर सकेंगे। इस नई प्रणाली से न केवल शिक्षा का गुणवत्ता स्तर बढ़ेगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए स्कूल संचालन सरल और लचीला बनेगा।

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