शिक्षा भत्ते में बढ़ोतरी
नए प्रावधानों के तहत अब केंद्रीय कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई के लिए ₹2,812.50 और हॉस्टल के लिए ₹8,437.50 प्रति माह मिलेंगे, और DA 50% पार होते ही इसमें 25% की बढ़ोतरी अपने आप हो जाएगी।
महंगाई भत्ते से जुड़ा फायदा
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ दिया गया है। जैसे ही DA में बढ़ोतरी होगी, शिक्षा भत्ते में भी स्वतः वृद्धि हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को भविष्य में भी लगातार लाभ मिलता रहेगा और महंगाई का असर कम होगा।
नई शिक्षा नीति के अनुसार बदलाव
सरकार ने इस भत्ते को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप अपडेट किया है। अब प्री-स्कूल स्तर की कक्षाएं जैसे नर्सरी, LKG और UKG भी इसके दायरे में आ गई हैं। इसके अलावा, अगर किसी कारणवश बच्चे को एक ही कक्षा दोबारा पढ़नी पड़ती है, तो भी भत्ता देने में राहत दी गई है।
कर्मचारियो को किन शर्तों पर लाभ
इस सुविधा का लाभ अधिकतम दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा। यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो केवल एक ही व्यक्ति इस भत्ते का दावा कर सकेगा। साथ ही, इस भत्ते का दावा साल में एक बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
विशेष परिस्थितियों में भी मिलेगा लाभ
आपको बता दें की नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी अवकाश पर है या निलंबित है, तब भी उसे यह भत्ता मिलता रहेगा। इतना ही नहीं, सेवानिवृत्ति या सेवा समाप्त होने की स्थिति में भी चालू शैक्षणिक सत्र तक यह सुविधा जारी रहेगी।
वहीं, भत्ते के लिए दावा करना भी अब काफी सरल कर दिया गया है। कर्मचारियों को केवल स्कूल से प्रमाण पत्र देना होगा, जिसमें यह उल्लेख हो कि बच्चा संबंधित सत्र में वहां पढ़ रहा था। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए रहने और खाने के खर्च का प्रमाण भी देना होगा।

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