मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई केवल बीमा कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। हालांकि बीमा कंपनियां सर्वे के आधार पर मुआवजा देंगी, लेकिन कई किसान ऐसे भी होंगे जो इससे बाहर रह जाएंगे। ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास है कि व्यापक स्तर पर राहत दी जाए।
हर जिले में सर्वे, बटाईदार भी शामिल
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का तेजी से सर्वे कराएं। खास बात यह है कि इस सर्वे में केवल भूमि स्वामी ही नहीं, बल्कि बटाईदार किसानों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वास्तविक रूप से नुकसान झेल रहे सभी लोगों को मदद मिल सके।
पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किए जाएं। राजस्व और कृषि विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि सर्वेक्षण जल्दी पूरा हो और रिपोर्ट समय पर सरकार तक पहुंचे।
आपदा राहत कोष से मिलेगी सहायता
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले को आपदा राहत कोष से तुरंत धनराशि उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर जिलों को पूर्व खर्च के आधार पर अग्रिम राशि देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

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