रक्षा बजट में बड़ा इजाफा
फ्रांस ने अपने संशोधित सैन्य योजना कानून के तहत आने वाले वर्षों में रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। 2030 तक रक्षा बजट में दर्जनों अरब यूरो जोड़ने की योजना है, जिससे कुल रक्षा खर्च देश की जीडीपी के लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह कदम दर्शाता है कि फ्रांस अब सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
परमाणु ताकत पर खास फोकस
इमैनुएल मैक्रों पहले ही संकेत दे चुके हैं कि फ्रांस अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करेगा। इसका मकसद सिर्फ अपनी सुरक्षा नहीं, बल्कि यूरोपीय सहयोगियों को भी एक मजबूत सुरक्षा कवच देना है। नई रणनीति के तहत परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी तैनाती और उपयोग की क्षमता को भी उन्नत किया जाएगा।
ट्रंप की भूमिका पर सवाल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाटो को लेकर दिए गए बयानों ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप कई बार संकेत दे चुके हैं कि अमेरिका नाटो की भूमिका को सीमित कर सकता है। ऐसे में फ्रांस सहित कई यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मिसाइल और एयर डिफेंस पर जोर
फ्रांस सिर्फ परमाणु हथियारों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पारंपरिक सैन्य ताकत को भी मजबूत कर रहा है। लंबी दूरी की मिसाइलों, हवाई रक्षा प्रणालियों और आधुनिक हथियारों के भंडार को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। नई रणनीति में ऐसी मिसाइलों पर भी काम शामिल है जो हजारों किलोमीटर दूर तक मार कर सकें।

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