साल में दो बार बढ़ता है डीए
केंद्र सरकार हर साल दो बार जनवरी और जुलाई से प्रभावी डीए में संशोधन करती है। हालांकि इसकी घोषणा आमतौर पर मार्च (होली) और अक्टूबर-नवंबर (दिवाली) के आसपास की जाती है। लेकिन इस बार तय समय से देरी ने चर्चा को और तेज कर दिया है।
इस बार क्यों हो रही है देरी?
डीए बढ़ोतरी में देरी के पीछे कई संभावित कारण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बजटीय संतुलन बनाना, आगामी 8वें वेतन आयोग की तैयारियां, वैश्विक आर्थिक दबाव और सरकारी खर्च प्रबंधन। हालांकि, जानकार साफ कहते हैं कि देरी का मतलब यह नहीं है कि सरकार डीए बढ़ाने से बच रही है, बल्कि यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
कितनी बढ़ सकती है डीए?
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर इस बार डीए में करीब 2% की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। इससे मौजूदा 58% डीए बढ़कर लगभग 60% हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा।
कब हो सकता है ऐलान?
माना जा रहा है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में डीए बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। सरकार यदि ऐसा करती है, तो यह बढ़ोतरी 1 जनवरी से लागू मानी जाएगी और कर्मचारियों को एरियर (बकाया) भी मिलेगा। दरअसल डीए बढ़ोतरी हर बार कर्मचारियों की आय में राहत लेकर आती है, खासकर महंगाई के दौर में।

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