घर में दो-दो गैस कनेक्शन रखना पड़ेगा भारी, सरकार ने लागू किए नए नियम?

नई दिल्ली। अगर आपके घर में एलपीजी सिलेंडर और पाइप से आने वाली पीएनजी गैस दोनों का इस्तेमाल हो रहा है, तो अब आपको सावधान हो जाना चाहिए। केंद्र सरकार ने एक घर, एक गैस कनेक्शन नीति को लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। नए नियमों के तहत अब एक ही घर में एलपीजी और पीएनजी दोनों सुविधाएं एक साथ रखना मुश्किल हो सकता है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी आपूर्ति और वितरण नियमों में बदलाव करते हुए इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि इससे गैस सब्सिडी के गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और शहरों में पाइप गैस यानी पीएनजी को बढ़ावा मिलेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार के अनुसार कई शहरों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोग पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर का लाभ भी ले रहे हैं। इससे सब्सिडी व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। नई नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन इलाकों में पाइप गैस की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग उसी का इस्तेमाल करें। इससे गैस वितरण व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और अनावश्यक सब्सिडी खर्च कम किया जा सकेगा।

क्या सरेंडर करना होगा LPG कनेक्शन?

नए नियम के मुताबिक जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय है, वहां घरेलू एलपीजी कनेक्शन जारी रखना मुश्किल हो सकता है। इंडेन, भारत गैस और एचपी जैसी सरकारी तेल कंपनियों के रिकॉर्ड के जरिए ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जा रही है, जिनके पास दोनों सुविधाएं मौजूद हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 30 जून 2026 के बाद इस नियम को सख्ती से लागू किया जा सकता है।

क्या ग्रामीण इलाकों पर भी लागू होगा नियम?

सरकार ने साफ किया है कि यह नियम फिलहाल उन्हीं शहरी इलाकों में लागू होगा, जहां पीएनजी पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। ऐसे में उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि किसी भी तरह का फैसला लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि उनके क्षेत्र में पीएनजी सेवा शुरू हुई है या नहीं।

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