कई स्कूलों में शिक्षकों का असंतुलन
जानकारी के अनुसार, राज्य के कई माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में जरूरत से ज्यादा शिक्षकों की तैनाती हो गई है। कुछ स्कूलों में एक ही विषय के निर्धारित पदों से अधिक शिक्षक मौजूद हैं, जबकि कई जरूरी विषयों में शिक्षकों की भारी कमी बनी हुई है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस असंतुलन का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसी वजह से ट्रांसफर नीति में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नई नीति बनने तक ट्रांसफर पर रोक
रिपोर्ट के मुताबिक, नई ट्रांसफर पॉलिसी को अंतिम रूप देने से पहले शिक्षक संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जाएंगे। इन सुझावों पर विचार-विमर्श के बाद ही नई व्यवस्था लागू की जाएगी। बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नई नीति को मंजूरी मिल सकती है। तब तक विभाग ने शिक्षकों के तबादले पर फिलहाल रोक लगा दी है। ऐसे में बड़ी संख्या में शिक्षक अब नई नीति का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षकों को नई व्यवस्था से उम्मीद
शिक्षकों का मानना है कि यदि नई नीति पारदर्शी और संतुलित तरीके से लागू होती है तो इससे स्कूलों में शिक्षकों की सही तैनाती संभव हो सकेगी। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या भी काफी हद तक दूर हो सकती है। अब सभी की नजर शिक्षा विभाग की नई ट्रांसफर पॉलिसी पर टिकी हुई है, जिससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

0 comments:
Post a Comment