केंद्र सरकार की बड़ी पहल, स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ग्रामीण भारत में जमीन के मालिकाना हक को लेकर वर्षों से चली आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना अब बड़ी बदलावकारी पहल बनती जा रही है। ड्रोन तकनीक और डिजिटल मैपिंग के जरिए गांवों की आबादी भूमि को कानूनी पहचान देने वाली इस योजना से लाखों ग्रामीण परिवारों को बड़ा फायदा मिला है।

पीएम मोदी द्वारा अप्रैल 2020 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गांवों में संपत्ति रिकॉर्ड को स्पष्ट और पारदर्शी बनाना है। पांच वर्षों में इस योजना ने ग्रामीणों को मालिकाना हक, बैंक ऋण और कानूनी सुरक्षा जैसी कई बड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।

1. जमीन को मिली कानूनी पहचान

गांवों में वर्षों से लोग परंपरागत रूप से जमीन पर कब्जा करके रह रहे थे, लेकिन उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं होता था। अब ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग के जरिए जमीन की सही सीमा तय कर प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का कानूनी प्रमाण मिल रहा है।

2. बैंक से लोन लेना हुआ आसान

पहले ग्रामीण आबादी क्षेत्र की जमीन को बैंक गारंटी के रूप में स्वीकार नहीं करते थे। अब प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद लोग अपनी जमीन के आधार पर बैंक से आसानी से ऋण ले पा रहे हैं। इससे छोटे व्यवसाय, मकान निर्माण और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।

3. जमीन विवादों में आई कमी

ड्रोन और GPS तकनीक से जमीन की सटीक माप होने के कारण गांवों में जमीन विवाद कम हो रहे हैं। सीमाएं स्पष्ट होने से पारदर्शिता बढ़ी है और अदालतों में विवादों को सुलझाने में भी आसानी हो रही है।

4. पंचायतों की आय बढ़ी

इस योजना से ग्राम पंचायतों को भी बड़ा लाभ मिला है। संपत्ति रिकॉर्ड व्यवस्थित होने से संपत्ति कर संग्रह बढ़ा है, जिससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। इससे गांवों में विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।

5. महिलाओं को मिला सशक्तिकरण

सरकार प्रॉपर्टी कार्ड में महिलाओं के नाम शामिल करने को भी बढ़ावा दे रही है। इससे महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मजबूत हो रही है। परिवारों में महिलाओं की भागीदारी और सम्मान भी बढ़ा है।

तेजी से बढ़ रहा योजना का दायरा

सरकार के अनुसार, अब तक लाखों गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है और करोड़ों प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। कई राज्यों में यह योजना पूरी तरह लागू हो चुकी है, जबकि अन्य राज्यों में भी तेजी से काम जारी है। भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद के अध्ययन में इस योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला बताया गया है। वहीं, विश्व बैंक के मंच पर भी इस मॉडल की सराहना की गई और इसे विकासशील देशों के लिए उदाहरण बताया गया।

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