डिजिटल हुई खतौनी सेवा
योगी आदित्यनाथ सरकार की नई पहल के तहत राजस्व विभाग ने खतौनी से जुड़ी प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है। अब नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जमीन के दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा का उद्देश्य लोगों का समय बचाना, भ्रष्टाचार कम करना और बिचौलियों की भूमिका समाप्त करना है।
कैसे मिलेगी खतौनी की कॉपी?
नई व्यवस्था के अनुसार, जमीन मालिकों को केवल अपने जिले, तहसील, गांव और गाटा संख्या की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद मामूली ऑनलाइन शुल्क जमा करते ही प्रमाणित खतौनी की पीडीएफ कॉपी डाउनलोड की जा सकेगी। यह दस्तावेज पूरी तरह वैध माना जाएगा और सरकारी कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
किन वेबसाइटों पर मिलेगी सुविधा?
राजस्व विभाग की यह सुविधा UP Bhulekh Portal और Board of Revenue Uttar Pradesh पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। यहां लॉगिन करने के बाद 'खतौनी की नकल' विकल्प के जरिए आवेदन किया जा सकता है।
गांव के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा
यह सुविधा खास तौर पर ग्रामीण इलाकों के किसानों, बुजुर्गों और व्यस्त लोगों के लिए राहत लेकर आई है। पहले खतौनी लेने के लिए लोगों को कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब यह काम कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन पूरा हो सकेगा।
डिजिटल यूपी की ओर एक बड़ा कदम
सरकार लगातार सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन कर रही है। खतौनी की डिजिटल सुविधा को 'डिजिटल यूपी' अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया तेज और आसान बनने की उम्मीद है।

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